*💥🗓*आज का पञ्चाङ्ग*🗓*
*🌤️दिनांक -20नवम्बर 2024*
*🌤️दिन - बुधवार*
🌤️ *विक्रम संवत - 2081*
🌤️ *शक संवत -1946*
🌤️ *अयन - दक्षिणायन*
🌤️ *ऋतु - हेमंत ॠतु*
🌤️ *मास - मार्गशीर्ष*
🌤️*पक्ष - कृष्ण*
🌤️*तिथि - पंचमी सायं
04:48:52 तक तत्पश्चात षष्ठी तिथि*
🌤️ *नक्षत्र - पुनर्वसु 14:49:20 पुष्य नक्षत्र*
🌤️ *योग - शुभ दोपहर 01:07:07 तक तत्पश्चात शुक्ल*
🌤️*चन्द्र राशि~ मिथुन till 08:46:01*
🌤️*चन्द्र राशि~ कर्क from 08:46:01*
🌤️*सूर्य राशि~ वृश्चिक*
🌤️*सूर्योदय~ 07:00:32am*
🌤️*सूर्यास्त~ 05:40:48pm*
🌤️ *राहुकाल - दोपहर 12:21 से दोपहर01:41 तक*
🌤️*चोघडिया, दिन*🌤️
लाभ 07:01 - 08:21 शुभ
अमृत 08:21 - 09:41 शुभ
काल 09:41 - 11:01 अशुभ
शुभ 11:01 - 12:21 शुभ
रोग 12:21 - 13:41 अशुभ
उद्वेग 13:41 - 15:01 अशुभ
चर 15:01 - 16:21 शुभ
लाभ 16:21 - 17:41 शुभ
🌤️*चोघडिया, रात*🌤️
उद्वेग 17:41 - 19:21 अशुभ
शुभ 19:21 - 21:01 शुभ
अमृत 21:01 - 22:41 शुभ
चर 22:41 - 24:21 शुभ
रोग 24:21 - 26:01 अशुभ
काल 26:01 - 27:41 अशुभ
लाभ 27:41 - 29:21 शुभ
उद्वेग 29:21 - 31:01 अशुभ
🌤️*सहस्रनाम स्तोत्र एक पवित्र और शक्तिशाली स्तोत्र है, जिसमें भगवान के 1000 नामों का वर्णन है। यह स्तोत्र विभिन्न धर्मों और संप्रदायों में पूजा और आराधना के लिए उपयोग किया जाता है।
🌤️*सहस्रनाम स्तोत्र के कुछ महत्वपूर्ण बातें:
🌤️*विशेषताएं:*
1. भगवान के 1000 नामों का वर्णन।
2. पवित्र और शक्तिशाली मंत्रों का संग्रह।
3. आत्मशांति और आध्यात्मिक ज्ञान की प्राप्ति के लिए उपयोगी।
🌤️*लाभ:*
1. भगवान की कृपा और आशीर्वाद प्राप्त करना।
2. आत्मशांति और मानसिक शांति प्राप्त करना।
3. आध्यात्मिक ज्ञान और आत्म-साक्षरता प्राप्त करना।
4. जीवन में सुख, समृद्धि और सफलता प्राप्त करना।
🌤️*पाठ करने का तरीका:*
1. सहस्रनाम स्तोत्र को शुद्ध और एकांत स्थान पर पाठ करें।
2. पाठ करने से पहले भगवान की पूजा और आराधना करें।
3. पाठ करते समय मन को एकाग्र और शांत रखें।
4. पाठ के बाद भगवान को धन्यवाद दें और उनकी कृपा की प्रार्थना करें।
🌤️*सहस्रनाम स्तोत्र के कुछ प्रमुख नाम:*
1. ओम श्री महाविष्णवे
2. ओम श्री नरायणाय
3. ओम श्री हरये
4. ओम श्री कृष्णाय
5. ओम श्री रामाय
🌤️*सहस्रनाम स्तोत्र का पाठ करने से आपको आध्यात्मिक ज्ञान, आत्मशांति और भगवान की कृपा प्राप्त हो सकती है।*
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*🌷~यह पंचांग नागौर (राजस्थान) सूर्योदय के अनुसार है।*
*अस्वीकरण(Disclaimer)पंचांग, धर्म, ज्योतिष, त्यौहार की जानकारी शास्त्रों से ली गई है।*
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